मनीमाजरा: अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की सुबह मनीमाजरा के लेबर चौक पर एक अलग ही रौनक देखने को मिली, जहां पसीने से अपनी तकदीर लिखने वाले प्रवासी श्रमिकों के सम्मान में टीसीआई फाउंडेशन की ‘खुशी-क्लिनिक’ ने एक विशेष मंच सजाया। यह दिन केवल छुट्टी का नहीं, बल्कि समाज की नींव रखने वाले इन हाथों की सेहत और मुस्कान को समर्पित था। आयोजन का मुख्य उद्देश्य उन मेहनतकशों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था, जो अक्सर काम की आपाधापी में अपनी शारीरिक समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं।
जांच की मशाल और जागरूकता का संदेश
शिविर के दौरान डॉक्टरों की एक समर्पित टीम ने मोर्चे पर रहकर प्रवासी श्रमिकों के स्वास्थ्य का बारीकी से आकलन किया। इसमें न केवल आंखों की निःशुल्क जांच की गई, बल्कि एचआईवी/आरपीआर टेस्ट, शुगर, बीपी और वजन जैसी बुनियादी लेकिन महत्वपूर्ण जांचें भी शामिल रहीं। चिकित्सा विशेषज्ञों ने केवल जांच तक ही सीमित न रहकर, एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों के कारणों, बचाव के तरीकों और उपलब्ध उपचारों के बारे में विस्तार से चर्चा की, ताकि श्रमिक वर्ग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक और सशक्त बन सके।
मैदान पर मुकाबला और उत्साह की गूँज
तनावपूर्ण जीवनशैली के बीच राहत के पल बुनने के लिए टीसीआई फाउंडेशन ने स्वास्थ्य संबंधी खेलों और बैडमिंटन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया। लेबर चौक के इन प्रवासियों ने फावड़े और कुदाल छोड़ जब बैडमिंटन के रैकेट थामे, तो उनका उत्साह देखने लायक था। इन प्रतियोगिताओं ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि खेल के माध्यम से शारीरिक फिटनेस का संदेश भी उन तक पहुंचाया।
पुरस्कारों की बौछार और सम्मान की भेंट
समारोह के समापन सत्र में खुशियों और पुरस्कारों का वितरण हुआ। परियोजना प्रबंधक सुश्री तबस्सुम ने खेल प्रतियोगिताओं में विजय प्राप्त करने वाले श्रमिकों को पुरस्कार प्रदान कर उनका मनोबल बढ़ाया। इसके साथ ही, शिविर में पहुंचे सभी श्रमिकों को जलपान कराया गया और उन्हें दैनिक स्वच्छता बनाए रखने के लिए हाइजीनिक किट वितरित की गई। इस पूरे अभियान को सफल बनाने में डॉ. अमरजीत सिंह, काउंसलर राजेश कुमारी और उनकी पूरी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संपादकीय टिप्पणी: टीसीआई फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक स्वास्थ्य शिविर नहीं, बल्कि समाज के उस अंतिम व्यक्ति को सम्मान देने का प्रयास है जो देश के निर्माण में अपना रक्त और पसीना बहाता है। प्रवासी श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं और मनोरंजन का यह मेल एक सराहनीय पहल है, क्योंकि एक स्वस्थ श्रमिक ही एक स्वस्थ और मजबूत राष्ट्र की नींव रख सकता है। भविष्य में ऐसी निरंतर प्रतिबद्धताएं इन वंचित वर्गों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार ला सकती हैं।
