चंडीगढ़: चंडीगढ़ के सेक्टर 42 स्थित कम्युनिटी सेंटर में शनिवार की सुबह एक नई उम्मीद लेकर आई। अटावा क्षेत्र के वह तमाम निवासी, जो महीनों से पानी के भारी-भरकम बिलों, मीटरों की खराबी और नए कनेक्शनों की फाइलों के बोझ तले दबे थे, उनके लिए यह कैंप किसी वरदान से कम नहीं था। वार्ड नंबर 24 के पार्षद जसबीर सिंह की दूरदर्शिता और नगर निगम के प्रशासनिक सहयोग ने मिलकर एक ऐसा मंच तैयार किया, जहां फाइलों की धूल झाड़ी गई और जनता की शिकायतों को सीधे समाधान की मेज तक पहुंचाया गया।
फाइलों का सफर और समाधान की राह
नगर निगम के जलापूर्ति शाखा के एस.डी.ओ. ललित कुमार और जे.ई. दिलीप सिंह की मौजूदगी ने कैंप को महज एक औपचारिक आयोजन से ऊपर उठाकर एक प्रभावी ‘वर्किंग डेस्क’ में तब्दील कर दिया। अधिकारियों ने न केवल शिकायतों को सुना, बल्कि मौके पर ही मीटर शाखा के कर्मचारियों को फाइलों के निस्तारण के आदेश दिए। इस दौरान यह स्पष्ट किया गया कि यदि दस्तावेज पूर्ण हैं, तो एक माह के भीतर नए कनेक्शन की प्रक्रिया को अंजाम दे दिया जाएगा, जिससे दफ्तरों के चक्कर काटने की विवशता अब बीते कल की बात हो जाएगी।
तकनीक का साथ और विभागीय पारदर्शिता
एस.डी.ओ. ललित कुमार ने विभागीय स्टाफ को कड़े निर्देश देते हुए जनता के बीच जागरूकता का संचार किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सरल भाषा में निवासियों को ऑनलाइन आवेदन की पेचीदगियों और फाइल अप्रूवल की लंबी प्रक्रिया को समझाएं। इस पारदर्शी दृष्टिकोण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आम नागरिक बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप या परेशानी के सीधे सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सकें, जिससे विभाग और जनता के बीच के संवाद की दूरी कम हुई।
एक छत के नीचे शिकायतों का अंबार और तत्काल राहत
इस कैंप का केंद्र बिंदु उन जटिल समस्याओं का समाधान था जो लंबे समय से लंबित थीं। नए कनेक्शनों की मंजूरी, परिवारों के बीच मीटरों का विभाजन, खराब मीटरों को बदलने की प्रक्रिया और व्यावसायिक कनेक्शनों से जुड़ी आपत्तियों पर विस्तार से सुनवाई हुई। विशेष रूप से पानी के गलत बिलों में सुधार के मामलों ने लोगों को बड़ी वित्तीय राहत दी। पार्षद जसबीर सिंह ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि उनका प्राथमिक उद्देश्य प्रशासन को जनता के द्वार तक लाना था, ताकि हर घर को बिना बाधा के स्वच्छ जल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
जनता का आभार और भविष्य का ब्लूप्रिंट
कार्यक्रम के समापन पर पार्षद जसबीर सिंह ने नगर निगम की टीम और क्षेत्रवासियों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने इस आयोजन को जनहित की दिशा में एक बड़ी जीत बताते हुए संकल्प दोहराया कि भविष्य में भी ऐसे कैंपों का सिलसिला जारी रहेगा। अधिकारियों के साथ मिलकर समस्याओं के समाधान की यह नई कार्यशैली अटावा के निवासियों के लिए एक सुखद अनुभव साबित हुई, जिसने व्यवस्था के प्रति उनके विश्वास को पुनर्जीवित करने का कार्य किया है।
संपादकीय टिप्पणी: चंडीगढ़ नगर निगम और स्थानीय पार्षद द्वारा आयोजित यह जल समस्या निवारण कैंप सुशासन (Good Governance) का एक उत्कृष्ट उदाहरण पेश करता है। जब जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी एक साथ मिलकर धरातल पर उतरते हैं, तो लालफीताशाही का अंत होता है और आम आदमी को सीधा लाभ मिलता है। अटावा जैसे क्षेत्रों में पानी की समस्या न केवल बुनियादी जरूरत है, बल्कि एक गंभीर सामाजिक मुद्दा भी है। ऐसे कैंपों का आयोजन यह दर्शाता है कि इच्छाशक्ति हो तो दशकों पुराने विवादों का हल भी कुछ घंटों के संवाद से संभव है। यह पहल अन्य वार्डों के लिए भी एक मार्गदर्शक मॉडल बननी चाहिए।
