चंडीगढ़: चंडीगढ़ के महिला लक्ष्मीबाई भवन में नारी शक्ति और सेवा का एक अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के सफलतम एक वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया गया। इस खास मौके पर चंडीगढ़ के प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत उस वक्त बेहद भावुक और गौरवपूर्ण हो गई जब राज्यपाल ने नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) के क्षेत्र में असाधारण जज्बा दिखाने वाली 9 महिला वॉलिंटियर्स को सम्मान पत्र भेंट कर उनकी वीरता को सराहा। पूरा भवन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जो इस बात का प्रतीक था कि आज की नारी सिर्फ घर की चौखट तक सीमित नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा की ढाल भी बन चुकी है।
वर्दी में सशक्त नारी और बदलता भारत
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने अपने संबोधन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर गहरा हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में महिलाएं चाहे पुलिस विभाग में हों या नागरिक सुरक्षा के मोर्चे पर, वे अपनी सेवाओं को बेहद सशक्त और निपुण तरीके से अंजाम दे रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के पहले बैच के तहत 376 सिविल डिफेंस वॉलिंटियर्स तैयार किए गए थे, जिन्होंने समाज में सुरक्षा और विश्वास की नई मिसाल कायम की है। राज्यपाल के अनुसार, महिलाओं का इस तरह रक्षा के क्षेत्र में आगे आना समाज की मानसिकता में आए बड़े बदलाव का संकेत है।
आपदा से लड़ने को तैयार नया दस्ता
प्रशासन ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है। राज्यपाल ने घोषणा की कि सिविल डिफेंस वॉलिंटियर्स का नया बैच आगामी 1 जून से शुरू होने जा रहा है। इस नए दस्ते के लिए लगभग 300 नए वॉलिंटियर्स ने फॉर्म भरे हैं। इन युवाओं को न केवल रक्षा के गुर सिखाए जाएंगे, बल्कि किसी भी तरह की प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदा के समय सरकार और जनता की मदद करने के लिए एक विशेष फोर्स के रूप में तैयार किया जाएगा। यह कदम चंडीगढ़ की सुरक्षा प्रणाली को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सेवा और सद्भावना का महाकुंभ
समारोह के दौरान केवल सम्मान और घोषणाएं ही नहीं हुईं, बल्कि मानवता की सेवा का एक बड़ा उदाहरण भी पेश किया गया। वॉलिंटियर्स की ओर से एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 150 से 200 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से अपना खून दान कर पुण्य कमाया। इस अवसर पर चंडीगढ़ के डीसी निशांत कुमार यादव, होम सेक्रेटरी मंदीप सिंह बराड़ और एसएसपी कंवरदीप कौर जैसे शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे। सिविल डिफेंस ट्रेनर्स कोहली जी और निशा जी के साथ चंचल माही और सुनीता सिंह जैसी वॉलिंटियर्स ने इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संपादकीय टिप्पणी:
“ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और महिलाओं का सिविल डिफेंस की ओर बढ़ता रुझान यह साबित करता है कि चंडीगढ़ प्रशासन ने सुरक्षा के क्षेत्र में समावेशी विकास की नींव रख दी है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा महिलाओं को सम्मानित करना न केवल उनके मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि अन्य युवतियों को भी समाज सेवा और रक्षा के क्षेत्र में आने के लिए प्रेरित करेगा। आपदा प्रबंधन में स्थानीय वॉलिंटियर्स की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण होती है, और 1 जून से शुरू होने वाला नया बैच इस कड़ी को और मजबूत करेगा। सेवा और सुरक्षा का यह तालमेल एक सुरक्षित भविष्य की ओर इशारा करता है।”
