मोहाली: जिला मोहाली के गांव मुल्लापुर गरीबदास की रहने वाली होनहार छात्रा गीतांजलि मेहरा ने अपनी कड़ी मेहनत और अटूट लगन के दम पर 10+2 की परीक्षा में 89% अंक हासिल कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। संत वरियाम सिंह मेमोरियल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल रतवाड़ा साहिब (जिला एसएएस नगर मोहाली) की इस छात्रा ने बिना किसी ट्यूशन के इस बड़ी सफलता को चूमकर यह साबित कर दिया कि यदि हौसले बुलंद हों तो सीमित संसाधनों में भी इतिहास रचा जा सकता है। मेहरा फैमिली की इस लाडली की ऐतिहासिक कामयाबी से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा स्कूल और गांव गर्व महसूस कर रहा है।
माता-पिता के संघर्ष और आंसुओं की कहानी; माता आशा वर्कर और पिता करते हैं खाने का काम
गीतांजलि की इस ऐतिहासिक सफलता पर जब हमारे पत्रकार ने उनके माता-पिता से विशेष बातचीत की, तो वे अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए और बेहद भावनात्मक हो गए। मां ने रोते हुए बताया कि वह आशा वर्कर के रूप में जॉब करती हैं और उनका एकमात्र मकसद बच्चों को अच्छी शिक्षा देना है। गीतांजलि के पिता, जो खाने का काम करते हैं, ने बताया कि उनका बड़ा भाई बोधराज मुल्लापुर गरीबदास में ‘पंजाबी ढाबा’ के नाम से मशहूर है। माता-पिता ने अपनी घोर विपन्नता को कभी बेटी की पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया, जिसके प्रतिदान में बेटी ने उनका सर समाज में ऊंचा कर दिया।
बिना ट्यूशन और अभावों के बीच सफलता का सफर; पेंटिंग और डांसिंग की शौकीन बिटिया के बड़े सपने
अपनी इस शानदार अचीवमेंट के बारे में बात करते हुए गीतांजलि मेहरा ने बेहद खुशी के साथ बताया कि उसने अपनी माता और पिता की दिन-रात की हाड़-तोड़ मेहनत को देखकर ही यह संकल्प लिया था कि उसे अपने माता-पिता का नाम रोशन करना है। गीतांजलि ने बिना किसी कोचिंग या ट्यूशन के स्वाध्याय से यह मुकाम हासिल किया है। अपनी हॉबीज के बारे में बताते हुए उसने कहा कि उसे पेंटिंग और डांसिंग का बेहद शौक है। जब उसके भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा गया, तो उसने स्पष्ट किया कि वह अपनी आगे की पढ़ाई माता साहिब कौर मोहाली से करेगी, जहां वह तीन साल का जीएनएम (GNM) कोर्स करके चिकित्सा के क्षेत्र में कदम रखेगी।
विकास भवन मोहाली में दिग्गजों द्वारा सम्मान; ब्राइट माइंड्स मिशन 2026 के तहत मिला प्रशंसा पत्र
गीतांजलि मेहरा की इस अद्भुत मेधा को सलाम करते हुए पंजाब सरकार की ओर से ‘ब्राइट माइंड्स मिशन 2026’ के तहत विकास भवन मोहाली में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष और गरिमामयी अवसर पर शिक्षा विभाग के सचिव मनीष सोढ़ी, पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली से विशेष तौर पर पहुंचे सिसोदिया ने गीतांजलि मेहरा को आधिकारिक प्रशंसा पत्र सौंपकर सम्मानित किया। इन सभी दिग्गजों ने होनहार बच्चों का हौसला बढ़ाया और गीतांजलि के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
संपादकीय टिप्पणी: मुल्लापुर गरीबदास की गीतांजलि मेहरा की यह सफलता देश के उन लाखों गरीब बच्चों के लिए एक जलती हुई मशाल है जो आर्थिक तंगहाली के आगे घुटने टेक देते हैं। एक आशा वर्कर और भोजन बनाने वाले पिता की बेटी का बिना किसी ट्यूशन के 89% अंक लाना हमारी सरकारी शिक्षा व्यवस्था और एक बच्चे के आत्मबल की सामूहिक विजय है। पंजाब सरकार द्वारा ‘ब्राइट माइंड्स मिशन 2026’ के तहत विकास भवन में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और अन्य नेताओं द्वारा प्रशंसा पत्र देना बेहद सराहनीय कदम है। परंतु, अब देखना यह होगा कि क्या सरकार इन गरीब और प्रतिभावान बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए केवल प्रशंसा पत्रों तक सीमित रहती है या आगे की जीएनएम जैसी उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहयोग और छात्रवृत्ति भी प्रदान करती है; क्योंकि असली सम्मान इन प्रतिभाओं के सुरक्षित और आत्मनिर्भर भविष्य से ही तय होगा।
