धनास: चंडीगढ़ और इसके आसपास के इलाकों में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ तपती गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच सेक्टर 14-वेस्ट धनास की सड़कों पर इंसानियत और सेवा भावना का एक बेहद खूबसूरत और राहत भरा नजारा देखने को मिला। नौजवान वेलफेयर सोसाइटी 14-वेस्ट धनास चंडीगढ़ की ओर से इस भीषण गर्मी से राहगीरों को निजात दिलाने के लिए ठंडे मीठे पानी (छबील) और कुल्चे-छोले के एक विशाल लंगर का आयोजन किया गया। आज सुबह से ही शुरू हुए इस सेवा कार्य में दानी सज्जनों ने बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों राहगीरों को इस झुलसा देने वाले मौसम में बहुत बड़ी राहत मिली।
क्रिकेट का रोमांच और संजीवनी सा ठंडा जल; इंटरनेशनल रूट पर उमड़ा जनसैलाब
यह आयोजन जिस स्थान पर किया गया, वह भौगोलिक और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। यह रोड पंजाब, हिमाचल प्रदेश और इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को आपस में जोड़ता है। लंगर स्थल से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम स्थित है, जहां इस समय भारत और अफगानिस्तान के बीच एक रोमांचक क्रिकेट मैच चल रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मैच के कारण इस मार्ग पर गाड़ियों और पैदल यात्रियों का आवागमन आम दिनों के मुकाबले कई गुना ज्यादा था। ऐसे में मैच देखने जा रहे दर्शकों और अन्य राज्यों से आ रहे राहगीरों के लिए तपती धूप के बीच यह ठंडा जल किसी संजीवनी बूटी से कम साबित नहीं हुआ।
एकजुटता की शक्ति और जन-सहयोग की अनूठी मिसाल; गोपाल और दानी सज्जनों का साझा प्रयास
इस विशाल और पुनीत कार्य को सफ़लतापूर्वक आयोजित करने के पीछे स्थानीय जनमानस की एकजुटता और मजबूत इच्छाशक्ति साफ दिखाई दी। जब इस सेवा कार्य के संबंध में स्थानीय निवासी गोपाल से विशेष बातचीत की गई, तो उन्होंने बेहद विनम्रता के साथ इस सफलता का श्रेय पूरी जनता को दिया। गोपाल ने बताया कि समाज के सभी लोगों और दानी सज्जनों के आपसी सहयोग, तालमेल और निस्वार्थ भावना से ही इस भीषण गर्मी में इतने बड़े स्तर पर छबील और कुल्चे-छोले का लंगर लगाना पूरी तरह से संभव हो पाया है। पंजाब और हिमाचल प्रदेश से आने वाले यात्रियों ने भी इस निस्वार्थ सेवा की खुले दिल से सराहना की।
संपादकीय टिप्पणी: धनास में नौजवान वेलफेयर सोसाइटी द्वारा लगाया गया यह लंगर इस बात का जीवंत प्रमाण है कि चंडीगढ़ की रगों में आज भी परोपकार और सेवा की भावना पूरी शिद्दत से दौड़ रही है। भारत-अफगानिस्तान मैच के चलते व्यस्त और अंतरराष्ट्रीय महत्व वाले इस मार्ग पर राहगीरों को ठंडा जल और भोजन उपलब्ध कराना न केवल एक सराहनीय मानवीय प्रयास है, बल्कि यह हमारी अतिथि देवो भवः की संस्कृति को भी वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करता है। ऐसे समय में जब प्रशासन बुनियादी सुविधाएं देने में कई बार सुस्त नजर आता है, स्थानीय निवासियों और दानी सज्जनों का गोपाल जैसे नागरिकों के साथ मिलकर आगे आना यह दिखाता है कि सामूहिक जन-सहयोग से समाज की बड़ी से बड़ी मुश्किल को आसान किया जा सकता है। यह पहल अन्य शहरी क्षेत्रों के युवाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
