चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम में वार्डों के विकास को लेकर एक बार फिर फंड की मांग तेज हो गई है। हाल ही में चंडीगढ़ प्रशासन से नगर निगम को शहर के विकास कार्यों के लिए मिली 125 करोड़ रुपये की धनराशि के बाद, सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी ने एक बड़ा प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने मांग की है कि सभी 35 निगम पार्षदों को उनके वार्डों के रुके हुए विकास कार्यों को पूरा करने के लिए 50-50 लाख रुपये तुरंत आवंटित किए जाएं।
पार्षदों को फंड आवंटन की मांग
इस मांग के पीछे का तर्क देते हुए जसबीर सिंह बंटी ने कहा कि प्रत्येक पार्षद अपने वार्ड की समस्याओं और जरूरतों से भली-भांति परिचित होता है। वार्ड डेवलपमेंट फंड (WDF) मिलने से वे प्राथमिकता के आधार पर अपने क्षेत्रों में विकास कार्य करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अगर हर पार्षद को 50 लाख रुपये दिए जाते हैं, तो सभी 35 वार्डों के लिए कुल 17.50 करोड़ रुपये की ही आवश्यकता होगी। इस राशि के आबंटन के बाद भी निगम के पास 107.5 करोड़ रुपये बचेंगे, जिनका उपयोग शहर के अन्य बड़े विकास कार्यों जैसे कि सड़कों की रिकारपेटिंग, बागवानी और जन स्वास्थ्य से जुड़ी परियोजनाओं पर खर्च किया जा सकता है।
चहुंमुखी विकास का दावा
बंटी ने अपने अनुरोध में यह भी स्पष्ट किया कि यह कदम शहर के चहुंमुखी विकास को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए सबसे पहली प्राथमिकता सड़कों की रिकारपेटिंग है, जो फंड मिलने से तुरंत शुरू हो सकेगी। उनका मानना है कि जब वार्ड स्तर पर विकास कार्य तेज़ी से होंगे, तो पूरे शहर की तस्वीर में सुधार आएगा। यह प्रस्ताव न केवल पार्षदों को सीधे तौर पर उनके अधिकार क्षेत्र में काम करने की शक्ति देगा, बल्कि विकास प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ाएगा।
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चंडीगढ़ निगम पार्षदों ने मांगा 50 लाख का वार्ड डेवलपमेंट फंड, शहर के विकास कार्यों में तेजी लाने की मांग
✍️ By: Manjit Singh
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चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम में वार्डों के विकास को लेकर एक बार फिर फंड की मांग तेज हो गई है। हाल ही में चंडीगढ़ प्रशासन से नगर निगम को शहर के विकास कार्यों के लिए मिली 125 करोड़ रुपये की धनराशि के बाद, सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी ने एक बड़ा प्रस्ताव पेश किया है। उन्होंने मांग की है कि सभी 35 निगम पार्षदों को उनके वार्डों के रुके हुए विकास कार्यों को पूरा करने के लिए 50-50 लाख रुपये तुरंत आवंटित किए जाएं।
पार्षदों को फंड आवंटन की मांग
इस मांग के पीछे का तर्क देते हुए जसबीर सिंह बंटी ने कहा कि प्रत्येक पार्षद अपने वार्ड की समस्याओं और जरूरतों से भली-भांति परिचित होता है। वार्ड डेवलपमेंट फंड (WDF) मिलने से वे प्राथमिकता के आधार पर अपने क्षेत्रों में विकास कार्य करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अगर हर पार्षद को 50 लाख रुपये दिए जाते हैं, तो सभी 35 वार्डों के लिए कुल 17.50 करोड़ रुपये की ही आवश्यकता होगी। इस राशि के आबंटन के बाद भी निगम के पास 107.5 करोड़ रुपये बचेंगे, जिनका उपयोग शहर के अन्य बड़े विकास कार्यों जैसे कि सड़कों की रिकारपेटिंग, बागवानी और जन स्वास्थ्य से जुड़ी परियोजनाओं पर खर्च किया जा सकता है।
चहुंमुखी विकास का दावा
बंटी ने अपने अनुरोध में यह भी स्पष्ट किया कि यह कदम शहर के चहुंमुखी विकास को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए सबसे पहली प्राथमिकता सड़कों की रिकारपेटिंग है, जो फंड मिलने से तुरंत शुरू हो सकेगी। उनका मानना है कि जब वार्ड स्तर पर विकास कार्य तेज़ी से होंगे, तो पूरे शहर की तस्वीर में सुधार आएगा। यह प्रस्ताव न केवल पार्षदों को सीधे तौर पर उनके अधिकार क्षेत्र में काम करने की शक्ति देगा, बल्कि विकास प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ाएगा।

