चंडीगढ़: चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा शहर को ‘पॉलीथीन फ्री’ बनाने के तमाम दावे सेक्टरों में लगने वाली सब्जी मंडियों में खोखले साबित हो रहे हैं। वर्ष 2024 से चंडीगढ़ में प्लास्टिक के चम्मच, ग्लास, प्लेट्स और पॉलीथीन कैरी बैग पर पूर्ण प्रतिबंध है, लेकिन हकीकत यह है कि इन मंडियों में आप जितने चाहें उतने पॉलीथीन कैरी बैग आसानी से खरीद सकते हैं।
प्रशासन के दावों की खुली पोल:
पत्रकारों ने पाया कि सब्जी मंडियों में हर फड़ी लगाने वाले के पास कम से कम दो से तीन किलो के करीब पॉलीथीन के कैरी बैग मौजूद हैं। आश्चर्यजनक रूप से, इस खुले उल्लंघन को रोकने वाला कोई नहीं है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सब किसी अधिकारी के ‘आशीर्वाद’ या शह पर हो रहा है। यदि औसतन 200 फड़ी लगती हैं, तो दो किलो के हिसाब से यह लगभग चार क्विंटल पॉलीथीन बनता है, जो प्रतिदिन धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है।
दुकानदारों ने जताई नाराजगी:
जब इस संदर्भ में दुकानदारों से बात की गई तो उन्होंने प्रशासन के दोहरे रवैये पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। एक दुकानदार ने कहा, “अगर हमारे पास सिर्फ एक कैरी बैग मिल जाए, तो ये (निरीक्षण करने वाले) सीधे पांच हजार का चालान कर देते हैं। लेकिन जो थोक में यह पॉलीथीन बेच रहे हैं, उन्हें पूछने वाला कोई नहीं है।”
प्रशासन की इस ढिलाई से साफ जाहिर होता है कि या तो प्रवर्तन एजेंसियां जानबूझकर आँखें मूंदे हुए हैं, या फिर ‘पॉलीथीन फ्री’ अभियान केवल कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रह गया है, जिससे शहर के पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है।
