चंडीगढ़: भगवान परशुराम जी का जन्मोत्सव और अक्षय तृतीया का पावन पर्व सेक्टर 37-सी स्थित भगवान परशुराम भवन में अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। श्री बाह्याणा सभा द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वैदिक मंत्रों की गूँज और शंखनाद के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
वैदिक पद्धति से अभिषेक और पूजन
सभा के अध्यक्ष यशपाल तिवारी ने बताया कि उत्सव का शुभारंभ सुबह 9 बजे मंदिर के मुख्य पुजारी और देवालय पूजक परिषद के मुख्य कोषाध्यक्ष पंडित देवी प्रसाद पैन्यूली के सानिध्य में हुआ। उन्होंने वैदिक पद्धति से सामूहिक गणेश पूजन संपन्न कराया और भगवान की मूर्तियों का विधिवत अभिषेक किया। मंत्रों की पवित्र ध्वनि ने उपस्थित भक्तों को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराया।
आध्यात्मिक विचारों की सरिता
समारोह के दौरान दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान से पधारीं साध्वी कुलदीप भारती जी, साध्वी मनु भारती जी और साध्वी मनप्रीत भारती जी ने भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परशुराम जी का प्राकट्य धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए हुआ था। साध्वियों के भजनों और कथा ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया, यहाँ तक कि भक्त भजनों पर झूमने को मजबूर हो गए। संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी जगदीपा भारती ने भी बहुत ही सरल भाव से आध्यात्मिक रहस्यों का अनावरण किया।
सांसद मनीष तिवारी ने बढ़ाया मान
चंडीगढ़ के माननीय सांसद श्री मनीष तिवारी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। अपने संबोधन में उन्होंने अक्षय तृतीया के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि पुरातन काल से इसी दिन को त्रेतायुग का प्रारंभ माना जाता है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने शहर की कुछ गणमान्य विभूतियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया।
बाह्याणा सभा की वार्षिक बैठक
उत्सव के बीच डॉ. ए.पी. सावरिया की अध्यक्षता में बाह्याण सभा की वार्षिक बैठक भी संपन्न हुई। डॉ. सावरिया ने प्रधान यशपाल तिवारी के नेतृत्व में चल रहे कार्यों की सराहना की। अध्यक्ष यशपाल तिवारी ने साल भर की गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और सभी का आभार व्यक्त किया।
सफल आयोजन और आभार
कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री पंकज शास्त्री ने किया। इस मौके पर हिन्दू पर्व महासभा के अध्यक्ष श्री वी.पी. अरोड़ा अपनी पूरी समिति के साथ मौजूद रहे। प्रधान यशपाल तिवारी ने चंडीगढ़ प्रशासन, नगर निगम और स्थानीय पुलिस का उनके त्रिदिवसीय सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद किया।
संपादकीय टिप्पणी:
सेक्टर 37 में आयोजित यह जन्मोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का एक बेहतरीन उदाहरण है। भगवान परशुराम जी के शस्त्र और शास्त्र के संतुलन वाले आदर्श आज के युवाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। अक्षय तृतीया जैसे शुभ दिन पर ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। प्रशासन और धार्मिक संस्थाओं का ऐसा तालमेल शहर की शांति और सद्भाव के लिए अनुकरणीय है।
