डडूमाजरा: सर्ववंश दानी साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आज चंडीगढ़ के डडूमाजरा क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। गुरुद्वारा श्री दशमेश सिंह सभा की ओर से आयोजित विशाल नगर कीर्तन ने पूरे इलाके को दशमेश पिता की महिमा के रंग में सराबोर कर दिया। पंज प्यारों की छत्रछाया में निकले इस नगर कीर्तन में हजारों की संख्या में संगत ने हाजिरी भरी।
पंज प्यारों की अगुवाई और गूंजते जयकारे
नगर कीर्तन की शुरुआत गुरुद्वारा श्री दशमेश सिंह सभा से अरदास के उपरांत हुई। साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी साहब की अगुवाई ‘पंज प्यारों’ द्वारा की गई। जैसे ही नगर कीर्तन डडूमाजरा के विभिन्न बाजारों और मार्केट्स से गुजरा, पूरा वातावरण ‘बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। नगर कीर्तन के स्वागत के लिए स्थानीय निवासियों और दुकानदारों में भारी उत्साह देखा गया।
भक्ति के रंग में रंगे बाजार और भव्य सजावट
प्रकाश पर्व को समर्पित इस नगर कीर्तन के स्वागत के लिए डडूमाजरा की मुख्य मार्केट्स को दुल्हन की तरह सजाया गया था। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे और संगत द्वारा पालकी साहब पर पुष्पवर्षा की गई। गतका पार्टियों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर सिख मार्शल आर्ट का प्रदर्शन किया, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।
सेवा और लंगर की रही विशेष व्यवस्था
गुरु की लाडली संगत के लिए सेवादारों की ओर से सेवा की मिसाल पेश की गई। नगर कीर्तन के पूरे मार्ग पर जगह-जगह:
- चाय और स्नैक्स के स्टॉल: कड़ाके की ठंड के बावजूद सेवादारों ने गर्म चाय और जलपान की सेवा जारी रखी।
- अटूट लंगर: गुरु के लंगर की विशेष व्यवस्था की गई थी, जहां हर धर्म और वर्ग के लोगों ने मिल-बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।
धार्मिक सद्भाव का संदेश
गुरुद्वारा श्री दशमेश सिंह सभा की प्रबंधकीय कमेटी ने इस भव्य आयोजन की सफलता के लिए समूह संगत और सेवादारों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का जीवन हमें मानवता, समानता और अन्याय के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा देता है। नगर कीर्तन का उद्देश्य गुरु साहिब के शांति और भाईचारे के संदेश को घर-घर पहुंचाना है।
संपादकीय दृष्टिकोण: डडूमाजरा में आयोजित यह नगर कीर्तन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह चंडीगढ़ की ‘सांझी वालत’ (साझा संस्कृति) को भी दर्शाता है। जिस अनुशासन और श्रद्धा के साथ गुरुद्वारा कमेटी ने इसका संचालन किया, वह सराहनीय है।
