चंडीगढ़: सब्जी मंडी सेक्टर 26 में आज सुबह उस समय चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, जब पीबी 10 एच जी 9253 नंबर के एक कैंटर में अचानक सीएनजी (CNG) गैस का रिसाव शुरू हो गया। सुबह करीब नौ बजे हुए इस हादसे ने पूरी मंडी को हिलाकर रख दिया। उस समय मंडी अपने चरम पर थी और सैकड़ों गाड़ियां व हजारों लोग वहां मौजूद थे। कैंटर से सफेद धुआं निकलते ही लोगों को किसी अनहोनी का अहसास हुआ और देखते ही देखते पूरी मंडी में भगदड़ मच गई। स्थिति इतनी विकट थी कि गैस की गंध और धमाके के डर से लोग अपना सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ने लगे।
जाम में फंसी सांसे और फायर ब्रिगेड की बेबसी
हादसे के वक्त मंडी में गाड़ियों का इतना भारी जमावड़ा था कि न तो अंदर फंसी गाड़ियां बाहर निकल पा रही थीं और न ही सूचना मिलने के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियां अंदर प्रवेश कर पा रही थीं। कैंटर से निकलता भारी धुआं किसी बड़े विस्फोट का संकेत दे रहा था। रास्ते अवरुद्ध होने के कारण दमकल विभाग की टीमें लाचार खड़ी रहीं, जिससे मौके पर मौजूद लोगों की सांसें अटक गईं। अगर जरा सी भी चिंगारी उठती, तो पूरी मंडी मलबे के ढेर में तब्दील हो सकती थी।
जांबाज लोगों ने पानी की बाल्टियों से लड़ी जंग
जब सरकारी मदद के पहुंचने की उम्मीद धुंधली पड़ने लगी, तब मंडी के स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने खुद कमान संभाली। अपनी जान की परवाह न करते हुए, दर्जनों लोग पानी की बाल्टियां लेकर कैंटर की ओर दौड़े। काफी मशक्कत और हिम्मत दिखाते हुए लोगों ने लगातार कैंटर पर पानी फेंकना शुरू किया ताकि तापमान को नियंत्रित किया जा सके और गैस के रिसाव को कम किया जा सके। लोगों की इस एकजुटता और सूझबूझ ने मौत के मुंह से मंडी को बाहर निकाल लिया।
टल गया महाविनाश, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां कड़ी मशक्कत के बाद कैंटर के पास पहुंच पाईं, तब तक स्थानीय लोगों के प्रयास से गैस का रिसाव बंद हो चुका था। गनीमत रही कि इस पूरी घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, इस घटना ने मंडी की ट्रैफिक व्यवस्था और आपातकालीन रास्तों की पोल खोल कर रख दी है। पुलिस और प्रशासन अब कैंटर की तकनीकी जांच की बात कह रहे हैं ताकि रिसाव के कारणों का पता लगाया जा सके।
संपादकीय टिप्पणी: सेक्टर 26 सब्जी मंडी की यह घटना एक गंभीर चेतावनी है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में सीएनजी वाहनों का तकनीकी रूप से अनफिट होना एक चलता-फिरता बम साबित हो सकता है। आज स्थानीय लोगों की बहादुरी ने सैकड़ों जानें बचा लीं, लेकिन फायर ब्रिगेड का जाम में फंसना प्रशासन के लिए शर्मिंदगी का विषय होना चाहिए। ऐसी मंडियों में आपातकालीन रास्तों का अभाव और गाड़ियों की बेतरतीब पार्किंग भविष्य में किसी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। जरूरत है कि व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस और मंडी के ट्रैफिक प्रबंधन पर सख्त कदम उठाए जाएं।
